Indranil Bhattacharjee "सैल"

दुनियादारी से ज्यादा राबता कभी न था !
जज्बात के सहारे ये ज़िन्दगी कर ली तमाम !!

अपनी टिप्पणियां और सुझाव देना न भूलिएगा, एक रचनाकार के लिए ये बहुमूल्य हैं ...

May 16, 2010

ताकि तस्वीर, साफ़ दिखती रहे

शिवम मिश्र जी के ब्लॉग "बुरा भला" से एक अच्छी जानकारी मिली कि कल, यानि की १५ मई, शहीद सुखदेव का जन्मदिन है । इत्तफाकन ये दिन मेरा और शिवम मिश्र जी का भी जन्मदिन है ! मुझे यह जानकर बड़ा अच्छा लगा कि मैं अपना जन्मदिन भारत माता के इस सच्चे सपूत सुखदेव के साथ साँझा कर रहा हूँ । अपने देश के लिए लड़ते हुए  कितने ही वीर जवान हँसते हँसते मृत्युवरण कर लिए । जीवन उनके लिए तो बस एक बहाना था कुछ कर गुजरने को । कल काफी देर बैठकर जीवन के बारे में, हमारे आज के जीवन के बारे में सोचता रहा । और कुछ ख्यालात को शब्दों में पिरोकर इस कविता में लिख दिया



अनगिनत पल,
अनवरत सांसें,
प्याज की परतों की तरह
उधड़ता जीवन
इसे यूँ ही
परत दर परत,
निकल जाने दो,
बेजा उम्मीदों की धार से
काटने की कोशिश,
आंसूं ही लाएगी
सच्चाई की कडवी गोली,
शिष्टाचार की मीठी
चाशनी में डुबोकर,
रिश्तों के पानी के साथ
गटक जाओ
ये आईने का प्रदर्शन है;
यहाँ तुम्हे
अपना अक्स ही दिखेगा
इस टेलीविज़न का
रिमोट नहीं है,
यहाँ चैनल बदलने के लिए,
आदत के सोफे से
उठना पड़ता है
तकलीफों की हवा चलती है,
तो चरित्र के मजबूत
हाथों से,
ऐन्टेना पकड़ कर
रखना है,
ताकि
तस्वीर,
साफ़ दिखती रहे


चित्र साभार गूगल सर्च 
 

39 comments:

  1. bahut achchi baatein kahi...ye aaine ka pradarshan hai apna aks hi dikhega...waah...

    ReplyDelete
  2. Bahut khoob and BELATED HAPPY BIRTHDAY sail ji !

    ReplyDelete
  3. जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं और साथ साथ एक सार्थक पोस्ट की बधाइयाँ !!

    ReplyDelete
  4. जन्मदिन कि शुभकामनायें....

    और कविता बहुत सटीक है....जीवन प्याज कि तरह उधड़ता हुआ....बहुत बढ़िया

    ReplyDelete
  5. जीवन प्याज कि तरह उधड़ता हुआ....सुन्दर कविता के माध्यम से गहरी बात कही ...बहुत खूब

    ReplyDelete
  6. maaf karana dosti pakki der se kar paya ,,,main samjha ham pahle se dost hai ....

    ReplyDelete
  7. आप सबको बहुत बहुत शुक्रिया, आप आये मुझे इतना सारा प्यार मिला, और मेरा उत्साहवर्धन किये ...

    ReplyDelete
  8. जन्मदिन की हार्दिक बधाई! आपकी रचना पढ़कर सुखद अनुभूति हुई। उपमाएं बहुत सटीक हैं। प्रखर अविव्यक्ति के लिए साधुवाद!
    सद्भावी-डॉ० डंडा लखनवी

    ReplyDelete
  9. Bahut,bahut sundar rachna!

    ReplyDelete
  10. Alfaaz nahi hain,kya kahun?

    ReplyDelete
  11. आपके ब्लॉग पर आने का लाभ यह हुआ कि शहीद सुखदेव के जन्म दिन की जानकारी मिल गयी.(आप तो खैर यह दिन भूल ही नहीं सकते) हत्या, दुर्घटना ,बलात्कार और अन्य चटपटी घटनाओं के समाचार ही इतने हो जाते हैं कि मीडिया शहीदों के जन्म दिन को तवज्जो नहीं दे पाता. कविता के बारे में कहना चाहूंगा कि चरित्र के मजबूत हाथों से एंटेना पकड़ने वाले लोग अब बिरले ही हैं.

    ReplyDelete
  12. Der se sahi jnamdin ki hrdik shubkamnayen.rachna sargarvit hai.badhai.

    ReplyDelete
  13. आप बहुत ही बढ़िया लिखते है..सुंदर भाव और शब्द भी लाज़वाब....आगे भी पढ़ना चाहूँगा..शुभकामनाएँ

    ReplyDelete
  14. बहुत खूब सैल जी .... शशक्त रचना ... आपको जनम दिन बहुत बहुत मुबारक ..... क्रांतिवीर सुखदेव का जनम दिन भी याद कावराने का बहुत शुक्रिया ...

    ReplyDelete
  15. indraneel babu...aap ki ab tak jitni bhi rachnayen padhi dekhi hain ..unmne ye sabse zabardast rachna lagi......gussa , slaah , naseehat sab kuch deti hui rachna

    ReplyDelete
  16. आप सभी को अनेक धन्यवाद ! आप सबका प्यार-दुलार का नतीजा है कि भूले-भटके एक-आध शब्द लिख लेता हूँ ...

    ReplyDelete
  17. माफ़ करना मित्र आपको जन्मदिन की शुभकामनाएं ना दे पाया.. अब देता हूँ.. और आप भी आशुकवि निकले वाह. बधाई फिर से..

    ReplyDelete
  18. जन्मदिन कि शुभकामनायें

    ReplyDelete
  19. जन्मदिन की शुभकामनाएं!

    ReplyDelete
  20. शुभकामनाएँ जन्मदिन की । रचना उत्तम ।

    ReplyDelete
  21. एक साफ़ सुथरा आईना दिखा गयी ये पोस्ट बधाई

    ReplyDelete
  22. वाह! उस्ताद बोलिए।

    ReplyDelete
  23. bahut bahut badhai...janmdin ki...
    -----------------------------------
    mere blog par meri nayi kavita,
    हाँ मुसलमान हूँ मैं.....
    jaroor aayein...
    aapki pratikriya ka intzaar rahega...
    regards..
    http://i555.blogspot.com/

    ReplyDelete
  24. माफ़ करिए इन्द्रनील जी देर से ही सही, आपको जीवन की ढेर सारी खुशियां मिले आपको जन्म दिन की बधाई। बहुत खूबसूरत प्रस्तुति है।

    ReplyDelete
  25. मैं काफी देर से आया, क्षमा चाहते हुए जन्म दिवस की बधाई दे रहा हूँ. आप बहुत लकी है इतनी महान आत्मा की जन्म तिथि में आप साझीदार हैं.
    आपकी कविता मुझे पसंद आई. आपने जो बिम्ब और प्रतीक चुने हैं, वो नए हैं.

    ReplyDelete
  26. क्या कहे "सैल" जी, सर्वप्रथम क्षमा चाहूँगा... नियत समय पर यहाँ आया नहीं.
    जन्मदिन के बारे में जो जानकारी मिली बहुत ख़ुशी हुई... याद आते रहेंगे.

    जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई!!

    इस कविता ने जाने कितने पन्नो को छुआ है... मैं अभी क्या टिप्पणी करूँ.
    कटिहार टी.वी. स्टेशन और कर्स्यांग टी.वी. स्टेशन नेपाल टी.वी. बहुत कुछ याद आ गए.

    बहुत धन्यवाद जी.

    ReplyDelete
  27. बहुत ही सटीक शब्द जीवन की सच्चाई को बयान करता हुआ..... आपका प्रोफाइल पढ़ के और भी अच्छा लगा की आप भी IIT Kgp से हो.

    ReplyDelete
  28. सैल जी आपके अनुसार तो मैं न तो बटका, न ही मटका हूँ..... मेरे ख्याल से "फटका" जैसा शब्द थोडा बहुत मुझे describe कर सकता है. मैं अभी 4th year में हूँ, civil engg.में. आपके dept के सामने ही. and illu is still one of the most unforgettable moments of IIT Kgp.....nice to meet u thru this blog.

    ReplyDelete
  29. बहुत ख़ूबसूरत और लाजवाब रचना! आपकी लेखनी की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है!
    आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें!

    ReplyDelete
  30. आपको जन्मदिन की देर से बधाई.
    और फिर देर कहाँ हुआ भाई अभी तो छ: दिन ही तो बीते हैं. हम तो अपना जन्मदिन पूरे साल तक जारी रखते है.
    रचना बहुत शानदार है.

    ReplyDelete
  31. जन्म दिन की बधाई.....शिवम् मेरे छोटे भाई जैसा है.....! शिवम् को भी बधाई.....!
    आपके ब्लॉग को रेगुलर पढता रहता हूँ......"एंटीना पकडे रहिये तस्वीर जरा साफ़ दिखेगी " वाला जुमला खास लगा

    ReplyDelete
  32. अच्छी प्रस्तुति.....ब्लॉग से ताला हटाएँ...आपकी रचना चर्चा मंच पर लेना चाहती हूँ...यदि कल तक हटा लिया तो मंगलवार की चर्चा में ये रचना शामिल होगी
    संगीता स्वरुप

    ReplyDelete
  33. आप सबको आपके प्यार और प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद ...

    @ संगीता जी
    मैंने ताला हटा लिया है, चर्चे के लिए मेरी रचना चुना गया, शुक्रिया !

    ReplyDelete
  34. कविता के माध्यम से गहरी बात कही ...बहुत खूब

    ReplyDelete
  35. pata nahi kyun.......is kshob ke peeche jaa mujhe bahut sukh mila..shukriya ise likhne ka
    Aur haan der se hi sahi, badhayee sweekarein

    ReplyDelete
  36. मैं अभी अभी आप के ब्लॉग पर आया हूँ, बहुत प्रसंता हुई, इस प्रकार लिखते रहो आप का नया दोस्त राजेंद्र सिंह कुंवर 'फरियादी'

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणियां एवं सुझाव बहुमूल्य हैं ...

आप को ये भी पसंद आएगा .....

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...