Indranil Bhattacharjee "सैल"

दुनियादारी से ज्यादा राबता कभी न था !
जज्बात के सहारे ये ज़िन्दगी कर ली तमाम !!

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May 3, 2010

एक चित्र - मेरा भारत महान !

इस बार कविता की जगह एक तस्वीर पेश है । वैसे मेरा मानना है की एक अच्छी तस्वीर किसी कविता से कम नहीं होती है । आप जब कविता पढते हैं, तो आपके जेहन में कुछ बातें आती हैं जो शायद आपको सोचने पर मजबूर करती है, या फिर एक ऐसी तस्वीर आपको दिखाती है जो आपको अच्छी लगे । ठीक उसी तरह, एक अच्छी तस्वीर भी आपके दिल में छाप छोड सकती है । अब यह तस्वीर अच्छी है या नहीं यह तो आप ही बेहतर बता पाएंगे ।
दिल्ली की एक गली में मेरे सामने जब यह दृश्य आया तो
मेरा हाथ अपने आप मेरे कैमरा की तरफ चला गया । आगे मैं आप सबकी प्रतिक्रिया सुनना चाहता हूँ -

24 comments:

  1. तस्वीर बोल रही है!!

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  2. TASVIRE KAHTI HE

    SAHI HE


    SHEKHAR KUMAWAT

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  3. Bahut kuchh bol jati hai yah tasveer,
    Kisi majboorka afsana hai,yah tasveer..

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  4. लदने वाला भारतीय जनता है और लादने वाला वित् मंत्री !:)

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  5. khaamoshi zindagi kee kahani kah rahi hai......

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  6. मस्त एकदमतस्वीर ही नहीं,आपका स्टाइल भी!आप तो खामोश होकर ही बहुत कुछ कह गए,और हमे मजबूर कर दिया अपने हालात बताने के लिए.....!
    "सेवा ही हमारा धर्म है"

    कुंवर जी,

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  7. इतना बोझ लादेगा तो जीवन बीमा करवाना ही पड़ेगा।

    विज्ञापन के साथ फ़ोटो भी बोल रही है।

    आभार

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  8. मस्त एकदमतस्वीर ही नहीं,आपका स्टाइल भी!

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  9. ग़ज़ब की कविता ... कोई बार सोचता हूँ इतना अच्छा कैसे लिखा जाता है

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  10. इस पर तो क्विज़ रखनी चाहिए थी..शायद सबसे अच्छा शीर्षक होता..."जनता",जो इसकी तरह ही महंगाई से दबी पड़ी है...

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  11. vigyapan ,photo ,sandesh sabhi to bol rahe hain aur mook rahkar jo kaha jata hai wo jyada asardar hota hai.

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  12. आपने तो बोलती हुई तस्वीर के माध्यम से सब कुछ कह दिया है! उम्दा प्रस्तुती!

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  13. bechara gadha..!!!!!!!!!!!!!!!1

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  14. वाकई में तस्वीर बोल रही है....

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  15. "सेवा ही हमारा ध्येय है"(इसीलिये लद रहे हैं)
    (मेवा उसका ध्येय है जो लाद रहा है) :)

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  16. बहुत खूब
    गोदियाल जी से सहमत

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  17. aadmi ko bojh to uthana hi hai ..chahe aadmi ban kar..chahe gadha.. achhi tasveer

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  18. तस्वीर बोल रही है.
    जिंदगी ..
    गधे पर अपना
    बोझ तोल
    रही है...
    गधा सोच रहा है
    काश पढ़ना आता
    तो,
    जीवन बीमा
    ज़रूर कराता .... :):)

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  19. मेरा गधा गधों का लीडर, कहता है ये दिल्ली जाकर
    मैं मांगें अपनी आज सभी मनवाकर आऊँगा.
    नहीं तो घास न खाउँगा...
    पर ये क्या धंदा शुरू कर दिया यार!!

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  20. सच में तस्वीर बोल रही है ... देखने वाले की सोच बोल रही है.....

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  21. मेरा भारत महान!
    यहाँ पर गधे सबसे पहेलवान!
    उन्हें लादने वाले नेता बेईमान!
    गधे= हम और आप, और कौन?

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