Indranil Bhattacharjee "सैल"

दुनियादारी से ज्यादा राबता कभी न था !
जज्बात के सहारे ये ज़िन्दगी कर ली तमाम !!

अपनी टिप्पणियां और सुझाव देना न भूलिएगा, एक रचनाकार के लिए ये बहुमूल्य हैं ...

Nov 7, 2010

फिर से बधाई !

दोस्तों आप सबको फिर से बधाई दे रहा हूँ ... क्यूंकि एक और रिपोर्ट आया हुआ है ...
और इस बार हमारे देश ने पहले से और बेहतर कमाल कर दिखाया है ...
इस बार मैं बात कर रहा हूँ संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा प्रकाशित "मानव विकास रिपोर्ट" (Human Development Report) की ....
इस रिपोर्ट में दुनिया भर के देशों को सुचिबध्ह किया गया है ... उन देशों में मानव समाज की प्रगति और विकास के स्तर के आधार पर ...
और, आपको क्या लगता है .... हमारा प्यारा देश कौन सा स्थान प्राप्त किया होगा ?
चलिए अंदाजा लगाइए ...

क्या कहा आपने, अंदाजा लगाना मुश्किल है ?
तो लीजिए हम आपको बताये देते हैं ...
169 देशों की सूचि में हमने 119 वां स्थान प्राप्त किये हैं ... 
अब तो गर्व से सर उचां हो जाना चाहिए ... है न ? 
इससे पहले मेरे इस पोस्ट "बधाई हो बंधुओं ! बधाई हो ! चलिए खुशियाँ मनाते हैं ! पार्टी करते हैं !" में मैंने ये बताया था कि Transparency  International द्वारा 2010 का Corruption Perception Index  (भ्रष्टाचार बोध सूचकांक) प्रकाश किया गया है और हम 87 वां स्थान प्राप्त किये हैं !
और  अब मानव विकास सूचकांक में 119 वां स्थान ...
बहुत जल्दी जल्दी हम उन्नती कर रहे हैं, है न ?
अब तो सच में कोई five star होटल में पार्टी होनी चाहिए जिसमें देश के बड़े बड़े अमीर लोग, और देश के नेता करोड़ों रुपये उड़ा सके, मदिरा कि नदियाँ बहे, इतना खाना बर्बाद हो जितने में कई सौ गरीब परिवार का पेट भर जाता ..... और देश में मानव विकास कार्यक्रम पर एक लंबा सा भाषण हो ...
मज़ा आ जायेगा ....


नीचे हमेशा की तरह लिंक दिए दे रहा हूँ :
http://hdr.undp.org/en/statistics/
http://hdr.undp.org/en/countries/
http://hdr.undp.org/en/
http://hdr.undp.org/en/media/HDR_2010_EN_Complete.pdf

24 comments:

  1. और देश में मानव विकास कार्यक्रम पर एक लंबा सा भाषण हो ...
    और फिर इस कार्य में तो हमें महारत हासिल है ही

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  2. सैल जी,
    बधाई!पर मुझे तो दुष्यंत कुमार जी का एक शेर याद आया!

    "कल मिला था नुमाइश में चीथडे पहने हुये,
    मैने पूछा नाम तो बोला हिन्दूस्तान!"

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  3. Kabhi to aisa din aayega,jab hame apne deshpe naaz hoga! Anyatha kya kahun?

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  4. 'मानव विकास' के आंकड़ों से हमारा तात्पर्य 'जनसंख्या विकास' से था. UNDP ने गलत अर्थ लिया ;))

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  5. .

    नैतिक मूल्यों का हनन एवं पारस्परिक द्वेष , तथा विकृत होती मानसिकता भी हमारे विकास में बाधक होती है।

    .

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  6. हम होंगे कामयाब, हम होंगे कामयाब, एक दिन......
    जाने भी दो यारों।

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  7. @रश्मि दीदी
    शुक्रिया

    @ वर्मा जी
    बस इसी में महारत हासिल है

    @K the Leo
    इससे बेहतर तरीके से और कौन कह सकता है

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  8. @ क्षमा जी और मो सम कौन
    इंतज़ार लंबा न हो जाए

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  9. @भूषण जी
    आपने एकदम सही पकड़ा है

    @दिव्या जी
    बहुत सारी बातें हैं, इस पर भी लिखूंगा एक आलेख

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  10. धोती खोल ही दी आपने और सच ...नंगा सच सामने रख दिया देश का ...सटीक कटाक्ष मारा है

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  11. सच? अच्छा कटा़क्ष है धन्यवाद।

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  12. bahut hi shandar tareeke se ek katu sachhai ko prastut kiya hai,desh ki badtar hoti sthiti par ek karara vyang.
    dhanyvaad.
    poonam

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  13. भाई जी ... पाकिस्तान से ऊपर हमारा नंबर है या नहीं ... ये जरूर बता देना ... बाकी तो की फर्क पैंदा है ...

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  14. सच ....बहुत ही सही लिखा है आपने ....बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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  15. बड़ी तकलीफ देह है यह हकीकत....

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  16. जहां आदमी धर्म और जाति में विभक्त होता है, वहां मानव विकास की दर कम होती है।

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  17. गहरा कटाक्ष किया है आपने .....
    समझ नहीं आता क्या करें, देश को कैसे आगे ले जाएँ .....

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  18. देश को आगे बढ़ने का एक ही उपाय है और वो है आत्मोत्थान ! मैं कोई अध्यात्मिक उन्नति की बात नहीं कर रहा हूँ ... मैं चारित्रिक और मानसिक उन्नति की बात कर रहा हूँ ...

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  19. @ Devendra Pandey jee
    धर्म और जातिभेद हमेशा से ही हमारे देश और समाज का दुश्मन रहा है ... ये बात हम समझकर भी समझना नहीं चाहते हैं

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  20. तरक्की तो है downward ही सही.
    भगवान कहीं है,ये तो पक्का है,वरना इस देश को चला कौन रहा है.

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  21. हाँ जब देश के नागरिक जागरूक और सक्षम नहीं है तो ये काम भी रामजी को ही करना पड़ेगा ...

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