Indranil Bhattacharjee "सैल"

दुनियादारी से ज्यादा राबता कभी न था !
जज्बात के सहारे ये ज़िन्दगी कर ली तमाम !!

अपनी टिप्पणियां और सुझाव देना न भूलिएगा, एक रचनाकार के लिए ये बहुमूल्य हैं ...

Sep 27, 2011

तरह तरह के ब्लॉगर - एक समीक्षा !



पिछले पांच सालों से ब्लॉग दुनिया में हूँ | हालाँकि पिछले दो सालों से सक्रीय पोस्टिंग कर रहा हूँ | इस लंबे अंतराल के दौरान कितने ही अलग अलग प्रकार के ब्लॉगर से परिचय हुआ | हर किसी का अपना अलग तरीका, अपना अलग रवैय्या, अलग स्वभाव | जैसे एक समाज में हर तरह के लोग होते हैं, वैसे ही इस ब्लॉग समाज में भी कितने प्रकार के शख्सियत हैं | मैं किसी एक का नाम या ब्लॉग की तरफ इशारा नहीं करना चाहता हूँ, बल्कि पूरा ब्लॉग समाज के बारे में बोल रहा हूँ | किसी को यदि मेरे इस वर्गीकरण में अपना अक्स नज़र आये तो इसे एक आइना समझे | आइना वही दिखाता है जो उसके सामने होता है | आप खूबसूरत हो, तो आइना खूबसूरती दिखायेगा, और आप बदसूरत हो तो बदसूरती |

और हाँ, आप से भी विनती है कि आप भी अपना अनुभव हमसे बांटे ... हो सकता है, मुझसे कुछ गुणीजन छूट गए हों .....

१.       सक्रियतम ब्लॉगर: एक दिन में १० -१२ पोस्ट ठेल देना इनके बांये हाथ का काम है | कम से कम ७-८ ब्लॉग चलाते हैं | हर ब्लॉग में रोज एक पोस्ट देते रहते हैं | इनमे भी दो तरह के ब्लॉगर होते हैं | इनके पोस्ट की गुणबत्ता या तो बहुत अच्छी हो सकती है या फिर भगवान मालिक | वैसे इन लोगों की प्रतिभा को मानना पड़ेगा, पर इनको इतना समय कहाँ से मिलता है यह एक रहस्य है जो मैं आज तक समझ नहीं पाया |
क)     सक्रियतम टिप्पणीकार: इनको केवल १०-१२ पोस्ट लिखकर ही शांति नहीं मिलती | दिन में १००-२०० टिपण्णी भी दे आते हैं और उसके एवज रोज ५०-१०० टिपण्णी भी बटोर लेते हैं |
ख)     टिपण्णी की परवाह नहीं: इनको टिप्पणिओं से कोई लेना देना नहीं होता है | पोस्ट पर टिपण्णी आये न आये, कोई इनके पोस्ट को देखे न देखे, ये रोज नियमित रूप से पोस्टिंग करते जाते हैं | इनको किसीके ब्लॉग पर जाके टिपण्णी भी नहीं करनी होती है |

२.       भटका राहगीर: जिस पथिक को ये नहीं पता हो कि कि ये कहाँ से आये हैं, और कहाँ जाना चाहते हैं, उन्हें आप भटका राहगीर ही कहेंगे न | यानि कि ऐसे शख्सियत को यह नहीं पता होता है कि वो ब्लॉग जगत में क्यूँ आये हैं, क्या करना चाहते हैं, आगे क्या करेंगे | बस दूसरों को ब्लॉग लिखते देखा तो सोच लिए कि हम भी एक ब्लॉग खोल लेते हैं | अब खोल तो लिए पर आगे क्या करना है पता नहीं | क्या लिखना है पता नहीं | बहुत जल्दी ब्लॉग्गिंग का भुत उतर जाता है, और इनका ब्लॉग NASA का कोई परित्यक्त उपग्रह जैसे ब्लॉग-महाकाश में कचड़ा बढ़ाने का काम आता है | मुझे लगता है, हिंदी ब्लॉग जगत के ३०,००० ब्लॉग में से कुछ १५००० इस वर्ग में आते हैं |

३.       पारिवारिक ब्लॉगर: पूरा ब्लोग जगत इनका परिवार है | हर किसीसे ये कोई न कोई पारिवारिक रिश्ता कायम रखते हैं | कोई माँ, कोई पिता, कोई भाई, कोई बहन | और कोई रिश्ता नहीं तो दुश्मनी का रिश्ता तो है ही | बिना कोई रिश्ता कायम किये ये आपसे बात कर नहीं सकते | केवल एक ब्लॉगर का पहचान इनके लिए काफी नहीं | इनको एक साथी ब्लॉगर होने के अलावा भी भाई, बहन, माँ, बाप, सास, ससुर, ननद-भौजाई, कुछ न कुछ होना ही होता है | 

४.       निंदक ब्लॉगर: इन लोगों को तब तक खाना हजम नहीं होता है जब तक ये दुसरे ब्लॉगर की बुराई न कर ले | “इसको लिखना नहीं आता है, उसको टिपण्णी करना नहीं आता है | अरे वो तो चरित्रहीन है | अरे इस ब्लॉगर को कोई काम धंधा नहीं है क्या ? इसने ऐसा क्यूँ लिखा ? उसने वैसा क्यूँ लिखा ? किसीने अपने बारे में लिखा तो गलत | किसीने औरों के बारे में लिखा तो गलत |” कोई कुछ भी लिखे, इन महाशय के नज़र में वो गलत ही ठहराया जायेगा | इनके ब्लॉग में जाइये, दूसरों के सारे दोष (सच या झूठ) आपको मिल जायेंगे | किसीके पोस्ट से ज्यादा ये व्यक्तिगत बातों पे हमला ज्यादा करते हैं |

५.       समालोचक ब्लॉगर: ये जनाब केवल निंदा नहीं करते हैं | जो इनको दिखता है उसे साफ साफ़ लिख देते हैं, आप को बुरा लगे या अच्छा | मुश्किल यह है कि कई बार इनको ठिक से दिखता नहीं है | इनको आप विश्लेशानाक्मक ब्लॉगर के मौसेरे भाई भी कह सकते हैं | केवल अपने ब्लॉग पर ही नहीं, आपके ब्लॉग पर आकर ये आपका पोस्ट कितना बकवास है, और उसमे कितनी गलतियाँ हैं ये बताते रहते हैं | इनका अपना पोस्ट कोई बहुत उच्च कोटि का न भी हो तो भी ये दूसरों के पोस्ट की ऐसी-तैसी करते रहते हैं |

६.       धार्मिक उन्माद: ऐसे ब्लागरों का संख्या कम नहीं है | एक ढूँढो दर्जन मिलेंगे | दूसरों के धर्म की गलतियाँ निकालना इनका परम धर्म है | ऐसा लगता है इनके धर्म में बस यही बात सिखाई जाती है | ये लोग ब्लॉग जगत में केवल धार्मिक उन्माद फ़ैलाने के उद्देश्य से आये हैं | इन लोगों से निपटने का एक ही रास्ता है, कि इनको पूरी तरह से उपेक्षा की जाय | इनकी खिलाफत भी इनको मदद करती है | इनसे जितना दूर रहो उतना अच्छा है | ये लोग खुजली वाले पौधे हैं | इनके पास जाओगे तो तकलीफ ही होगी | इनके ब्लॉग में जाना और टिपण्णी करना भी गुनाह है | इनमें से कई लोग ऐसे हैं जो धार्मिक सद्भावना के आड़ में धार्मिक उन्माद फैलाते हैं | सबसे ज्यादा खतरनाक ऐसे ब्लॉगर हैं | इन्हें पहचानिये और इनसे दूर रहिये |

७.       साहित्यिक ब्लॉगर: इनके ब्लॉग में आपको साहित्य के अलग अलग विधाओं के दर्शन होंगे | इनमें से कोई साहित्य के किसी एक विधा में पारंगत हैं, तो कोई कई विधाओं में लिखते रहते हैं |
क)     उच्च कोटि: इनको साहित्य की पूरी समझ है | ये जो भी लिखते हैं, वह उच्च कोटि का साहित्य होता है | इनको पढके आनंद आता है और कभी कभी इर्ष्या भी हो सकती है, कि ये इतना अच्छा कैसे लिख लेते हैं |
ख)     मध्यम: इनकी रचनाएँ कभी बेहतरीन होती है तो कभी बकवास | अपनी तौर पे ये पूरी कोशिश करते रहते हैं कि और अच्छा लिखे | इनमे सीखने की ललक है |
ग)      निम्न कोटि: इनको साहित्य की कोई समझ नहीं है | ये जो भी लिखते हैं वो कचड़ा पेटी में डालने योग्य हैं | इनमे भी दो प्रकार के होते हैं | प्रथम वो जो जानते हैं कि वो बकवास लिखते हैं, लेकिन फिरभी अपना बैल हांकते रहते हैं | इनको बस ब्लॉग्गिंग करना होता है | गुणबत्ता से इनको कोई लेना-देना नहीं होता है | और दूसरा वो है जिनको ये ग़लतफ़हमी होती है कि वो उच्च कोटि का साहित्यकार है | वैसे भी ब्लॉग जगत में कोई किसीकी ग़लतफ़हमी दूर नहीं करता है | करना संभव भी नहीं है |

८.       रिपोर्टर: ये ब्लॉग को एक अखबार की तरह से चलाते हैं | सब को स्थानीय या फिर प्रादेशिक/राष्ट्रीय ख़बरों से अवगत करवाते हैं | ब्लॉग जगत की खबर जैसे कि जन्मदिन इत्यादि की जानकारी देने वाले ब्लॉगर को भी मैं इसी वर्ग में रखना चाहूँगा | ब्लॉग जगत के लिए ये लोग अत्यंत ज़रूरी प्राणी हैं |

९.       तकनिकी ब्लॉगर: इनके ब्लॉग में आपको तरह तरह के तकनिकी जानकारी मिल जायेगी | मसलन कंप्यूटर के बारे में हो या इन्टरनेट के बारे में, फोन या लैपटॉप के नवीनतम मॉडल के बारे में हो या सॉफ्टवेर के बारे में | ऐसे ब्लॉग में टिपण्णी ना के बराबर आती है |

१०.    विज्ञान ब्लॉगर: ऐसे लोग विज्ञान के प्रचार प्रसार में सक्रिय भूमिका अदा करते हैं | इनके ब्लॉग में आपको तरह तरह के वैज्ञानिक जानकारी मिल जायेगी | ऐसे ब्लॉग में अक्सर टिपण्णी बहुत कम आती है | वैसे भी भारतीय समाज में विज्ञान से किसीको कोई सम्बन्ध नहीं होता है |

११.    सच्चा ब्लॉगर: इस वर्ग में मैं उन लोगों को रखा हूँ जो सही मायने में ब्लॉग्गिंग कर रहे हैं | ब्लॉग्गिंग के शैशावस्था में, ब्लॉग को केवल एक दैनिकी के रूप में इस्तमाल किया जाता था | आज इसके आयाम बहुत फ़ैल चूका है | पर कुछ लोग आज भी हैं जो ब्लॉग को केवल एक दैनिकी के रूप में ही इस्तमाल करते हैं | ब्लॉग जगत का प्राचीन रूप इनके ब्लॉग में देखने को मिलता है |

१२.    घुमक्कड ब्लॉगर: यात्रा विवरणी के बारे में ब्लॉग्गिंग करने वाले इस वर्ग में आते हैं | इनके ब्लॉग से आपको घर बैठे कई जगहों की जानकारी मिल जायेगी | इनका ब्लॉग सुन्दर चित्रों से सुसज्जित होता है |

१३.    बाल ब्लॉगर: आजकल बच्चों के बहुत सारे ब्लॉग देखने को मिलते हैं, ये अलग बात है कि इनमे से ९९ प्रतिशत बच्चों के ब्लॉग उनके माता-पिता ही चलाते हैं | मज़ा तो तब आता है, माता-पिता के लिखे हुए पोस्ट पे बच्चों को इनाम-पुरस्कार इत्यादि दिया जाता है और उनका तारीफ़ किया जात है कि ये छोटा सा ३-४ साल का ब्लॉगर कितना अच्छा ब्लॉग्गिंग करता है (भले ही उस ब्लॉग में उस बच्चे का योगदान शुन्य क्यूँ न हो) |

१४.    बाल साहित्य ब्लॉगर: इन में वो लोग आते हैं, जो बच्चों के ब्लॉग के बारे में लिखते हैं, उनका चर्चा करते हैं, उत्साहित करते हैं | ये लोग बच्चों के लिए बाल-कविता, बाल साहित्य का सृजन भी करते हैं | हमें इनका साथ हमेशा देना ही चाहिए |

१५.    चर्चाकार: ये इस ब्लॉग जगत के स्वनामधन्य और शक्तिशाली ब्लॉगर हैं | इनके रहमो-करम पाने के लिए कई ब्लॉगर हमेशा तत्पर रहते हैं | एक बार आप इनके नज़र में चढ गए कि आपको दो तरह से फायदा हो सकता है | एक तो यह कि आपके ब्लॉग का नियमित चर्चा होता रहेगा, भले ही आप अपने ब्लॉग में कूड़ा-करकट ही क्यूँ न लिखे | और दूसरा, अच्छी जान पहचान हो तो आपको भी चर्चा करने का मौका दिया जायेगा, और आप भी एक शक्तिशाली और प्रभावशाली ब्लॉगर बन सकते हैं | वैसे आप खुद भी एक चर्चा ब्लॉग का आरंभ कर सकते हैं | बहुत जल्दी आप ब्लॉग जगत में रुतबेदार बन सकते हैं |  चर्चाकार तीन प्रकार के होते हैं | एक वो जो वाकई में अच्छे पोस्ट ढूँढकर उनको अपने ब्लॉग में प्रस्तुत करते हैं और उनका समीक्षा करते हैं | दूसरा वो जो अच्छे पोस्ट ढूँढ तो निकालते हैं, और उनका लिंक भी देते हैं पर कोई समीक्षा नहीं करते हैं | और तीसरे प्रकार के चर्चाकार केवल अपने भाई बंधुओं की पोस्ट ही छापते रहते हैं | उनको पोस्ट की गुणबत्ता से कोई लेना देना नहीं होता है | जो उनसे अच्छा सम्बन्ध बनाये रखेगा (यानि कि उनके पोस्ट पे आकर बहुत सारे टिपण्णी करते रहेगा, या फिर उनके जात का होगा, या उनके धर्म का या उनके प्रान्त से होगा), उन्ही का पोस्ट छापा जायेगा चर्चा में | दूसरा कोई श्रेष्ठ साहित्य रचना भी करते रहें, उनका पोस्ट चर्चा में बिलकुल नहीं आएगा |

१६.    टिप्पणीकार: ये लोग शायद ब्लॉग जगत में केवल टिपण्णी करने के लिए आते हैं | इनके लिए उनके अपने ब्लॉग में कुछ पोस्ट करना ज़रूरी नहीं होता है | या लिखते भी हैं तो कुछ एक आध पंक्ति लिख दिए, कि मानो ब्लॉग जगत पे एहसान कर रहे हैं | हर ब्लॉग में जाते हैं और कुछ न कुछ लिख आते हैं | ऐसे ब्लॉगर पोस्ट को पढ़ना भी ज़रूरी नहीं समझते हैं | बिना पोस्ट पढ़े ही ये बहुत सुन्दर, वाह, उम्दा, बेहतरीन, लाजवाब इत्यादि लिखा आते हैं | इनमे से कई तो टिप्पणिओं को कट-पेस्ट कर रखे हैं | जब जैसे ज़रूरत हो वैसी टिपण्णी कापी किये और चिपका दिए | इनमे से कई तो एक साथ चार पांच टिपण्णी कर देते हैं | फिर मजबूरन आपको भी इनके ब्लॉग पे जाकर इनके भले/बुरे एक दो लाइना पोस्ट पे टिपियाना ही पड़ता है |

१७.    अहंकारी ब्लॉगर: थोडा बहुत अहंकार शायद हर किसी में होता है | पर कई ऐसे ब्लॉगर हैं इस ब्लॉग समाज में जिनके हर पोस्ट से उनका अहंकार झलकता है | उनके हर पोस्ट में यही लिखा होता है कि वो कितने अच्छे हैं, कितने सुशिल, शिक्षित, और खानदानी है | और किस तरह पूरा ब्लॉग जगत केवल उन्ही के कंधो पर टिका हुआ है | इनको ग़लतफ़हमी होती है कि यदि ये ब्लॉग जगत से चले गए, तो ब्लॉग जगत की बहुत बड़ी क्षति हो जायेगी | इनकी समझ में इनसे बेहतर तो कोई हो ही नहीं सकता है |

१८.  समीक्षक ब्लॉगर: ये लोग हर बात का विश्लेषण/समीक्षा करते रहते हैं | इनके ब्लॉग पे आकर आपको कई मसलों की अंदरूनी बातें जानने को मिलेगी | कई बार इनके पोस्ट विश्लेषण/समीक्षा के कारण काफी लंबे हो जाते हैं | इतने लंबे पोस्ट पढ़ना आसान नहीं होता है | पर जो भी पढ़ पाता है उसे फायदा ही होता है | ये पोस्ट खुद एक इसी तरह का पोस्ट है |

१९.    राजनैतिक ब्लॉगर: ये लोग ब्लॉग्गिंग के दुनिया में इसलिए आते हैं ताकि वो अपना राजनैतिक भविष्य उज्जवल कर सके | या तो वो किसी पार्टी से जुड़े होते हैं, जिसका गुणगान वो करते रहते हैं, या फिर दूसरी पार्टी की बुराई | यदि ये किसी पार्टी से न भी जुड़े हुए हों तो इनके सगे सम्बन्धियों में कोई न कोई किसी न किसी पार्टी से जुड़े होते हैं | ये तो बस उस पार्टी का समर्थन करते नज़र आते हैं | उस पार्टी के सारे दोष माफ होता है और गुण (हो न हो), बढ़ा चढा कर पेश किया जाता है | भविष्य में कभी राजनैतिक अखाड़े में उतरना हो तो उसका रास्ता साफ़ करते रहते हैं |

२०.    निर्लिप्त ब्लॉगर: इस तरह के ब्लॉगर बहुत दिलचस्पी से ब्लॉग्गिंग तो करते हैं, पर उनको, ब्लॉग जगत में चल रहे बहस बाजी, गुट-बाजी, धार्मिक उन्माद, राजनैतिक दाव-पेंच, यहाँ तक कि टिप्पणिओं से भी कोई लेना देना नहीं होता है | ये अपने रचनात्मकता में मगन, एक के बाद एक सुन्दर पोस्ट डालते जाते हैं | आप इनसे अच्छा सम्बन्ध रखो तो ये आपके ब्लॉग पर आकर टिपण्णी भी दे जाते हैं | इनका सम्बन्ध सभी से अच ही रहता है | देखा जाय तो ये सबसे कम प्रभावशाली ब्लॉगर माने जाते हैं | ब्लॉग जगत के महामहिम चर्चाकार, राजनेता/नेत्री, टिप्पणीकार, इनको पूछते नहीं है | वैसे इनको किसी के पूछने न पूछने से कोई फर्क भी नहीं पड़ता है |

२१.    आशिक ब्लॉगर: खासकर महिलाओं के ब्लॉग में जाकर मीठी मीठी टिपण्णी करना इनका दैनन्दिनी है | इस काम में इनको महारत हासिल है | इनके टिप्पणिओं से साफ़ पता चलता है, कि ये पोस्ट पढते भी नहीं हैं, बस महिलाओं को मधुर संगीत सुनाने में विश्वास रखते हैं | आश्चर्य की बात तो यह है, कि कई महिलाओं को यह लगता है कि यह उनके ब्लॉग के नियमित और गंभीर पाठक हैं | धीरे धीर ये उस महिला से व्यक्तिगत तौर पे सम्बन्ध बनाने की कोशिश करना शुरू कर देते हैं | आप इनका मंशा ताड़ गए तो बच गए | और आप को ये अपना करीबी दोस्त लगने लगे, तो फिर आपकी खैर नहीं | वैसे, ये जितनी जल्दी आपसे अंतरंगता बढ़ाते हैं, उतनी ही जल्दी रूप भी बदलते हैं | यदि आपने इनको घास नहीं डाला तो अचानक इनका रूप बदल जाता है, और हर ब्लॉग पे जाके ये आपकी बुराई करते नहीं थकते |

२२.    हुनरमंद ब्लॉगर: कई ऐसे लोग हैं जो अपने ब्लॉग पे अपना हुनर दिखाते रहते हैं | इनमे कई लोग फोटोग्राफी का शौक रखने वाले होते हैं, अपना लिया हुआ फोटो चिपकाते रहते हैं | कोई खुद का बनाया हुआ चित्र, कलाकृति इत्यादि दिखाते हैं | कोई अपनी आवाज़ में गाया हुआ गाना सुनाता है |

२३.   सिनेमा सम्बन्धी ब्लॉगर: कई ब्लॉगर ऐसे हैं जो बॉलीवुड या होलीवूड से सम्बंधित पोस्ट डालते रहते हैं | इनके ब्लॉग पर जाकर आपको सिनेमा के बारे में दिलचस्प खबरें, गानों के लिंक इत्यादि मिलेंगे | इनमे से कई ब्लॉगर, आपको लिंक के अलावा ज़रूरी जानकारी भी देते रहते हैं | मेरा अपना एक ब्लॉग इस वर्ग में आता है (Copycats) |

तो यह तो था ब्लॉग जगत का वर्गीकरण, जितना मुझे समझ में आया | मैं इनमे से किस वर्ग में आता हूँ यह तो मेरे ब्लॉग के पाठक ही बताएँगे | आप खुदको कहाँ पाते हैं ? यदि आप इस वर्गीकरण में कुछ और योगदान करना चाहते हैं तो आप का स्वागत है |
(व्याकरण की गलतियाँ माफ कर दीजियेगा)

56 comments:

  1. सबसे पहले तो आपको इस आलेख के लिये बहुत-बहुत बधाई जिस तरह विस्‍तार से आपने हर एक का आंकलन किया निश्चित रूप से यह प्रशंसनीय है ...आपके लेखन के लिये शुभकामनाएं ।

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  2. पूरा शोध प्रबंध बना दिया आपने !

    पूरे चिठ्ठाजगत को आइना दिखाती हुयी पोस्ट :)

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  3. अच्छा और रोचक विश्लेषण।
    भविष्य में यह किसी शोधार्थी के लिए संदर्भ स्रोत के रूप में काम आएगा।

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  4. बहुत बढ़िया लगा ! बेहतरीन प्रस्तुती!
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  5. bahut hi acha lekh,informative one

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  6. आपने सच में बडी मेहनत व तैयारी करने के बाद बेहद ही जानदार पोस्ट या कहे कि पी.एच.डी वालों की तरह पूरा शोध करने के उपरांत ये लेख लिखा है, सबके हिसाब से वर्गीकरण भी किया है, अपना नम्बर तो १२ आता है बाकि का बाकि जाने।

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  7. आपने बहुत विस्तार से लिखा है - लागता है कि आपने किसी को छोडा नाही है ..

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  8. भाई जान एक दो नाम भी तो दिए होते ... बाकी बेहद सटीक विश्लेषण किया है आपने !

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  9. अच्छा और रोचक विश्लेषण...बहुत विस्तार से लिखा है बहुत-बहुत बधाई आलेख के लिये

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  10. लगता है आपने सारे ब्लॉग जगत को खंगाल डाला है. सच कहूँ तो ऐसा विस्तृत विश्लेषण करने वाली पोस्ट पहले नहीं देखी. कहना पड़ेगा कि यह छोटा-सा शोध-लेख इमानदार है. इसमें कोई लाग लपेट नहीं.

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  11. आप सबको धन्यवाद कि आप सबने इस लेख को सराहा ...
    @ शिवम मिश्र जी,
    भाईसाब पिटवाओगे क्या ... इतना लिखा यही क्या कम है ... नाम लेने लगूं तो हो चूका है काम ...
    @संदीप जी
    चलो खुदको सही पहचाने ... आसान था ...:)

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  12. इन्द्रनील जी नमस्ते !
    काफी लम्बा चौड़ा, तथ्यात्मक- व्यंग्यात्मक विश्लेषण किया है आप ने, सही कहू तो इनमे से कुछ प्राणियों से मेरी भी मुलाकात होती रही है ...
    एक प्रकार 'आलसी ब्लोगरों' का भी हो सकता था ...हा हा हा
    मेरे ब्लॉग पर आने और उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद....

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  13. ब्लॉगजगत का शोध ग्रन्थ ... सटीक विश्लेषण ... मैं तो आपके विश्लेषण में कई जगह दिखाई दे रही हूँ :):)

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  14. ब्लॉग जगत का बहुत विषद और सटीक विश्लेषण..

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  15. बहुत रोचक पोस्ट ....
    अपने बारे में भी कुछ लिख दिया होता :-))
    शुभकामनायें !

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  16. ब्लॉग्गिंग पर पहला शोध ग्रन्थ आपका रहेगा. काफी सुंदर विवेचना. बधाई.

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  17. तथ्यपरक वर्गीकरण...बहुत सूक्ष्मता से आकलन किया है आपने.
    बधाई.

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  18. बहुत सुन्दर विश्लेषण. हमने आपके इस वर्गीकरण में अपना स्थान ढून्ढ लिया है. आभार.

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  19. aapne to kmaal kar diya ..itni badhiya aur vistrittarike se varnan kiya hai ..bahut bahut badhai...

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  20. Aapne kamal kaa vishleshan kiya hai!

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  21. इंद्रनील जी इस विश्लेषण में आपका ब्लॉग जगत से प्राप्त अनुभव स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है। उम्दा वर्गीकरण के लिए आभार

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  22. बहुत रोचक ! मैंने भी इस संबंध में 25-30 छंद लिख रखे हैं … अवसर नहीं मिल रहा है इन्हें पोस्ट पर डालने का …
    लगाएंगे कभी :)


    आपको सपरिवार
    नवरात्रि पर्व की बधाई और शुभकामनाएं-मंगलकामनाएं !

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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  23. बहुत ही सुन्दर जानकारी और गंभीर विश्लेषण....वैसे कभी आप मेरे ब्लॉग पर पधार कर मुझे टिपण्णी के माध्यम से ये जरुर बताना की मैं किस प्रकार का ब्लॉगर हूँ....क्योंकि यदि मैं स्वंय ही विश्लेषण करू तो हो सकता है उसमे कोई त्रुटि रह जाय....आपके आगमन की प्रतीक्षा में.

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  24. मेरे ब्लॉग का पता है http://arvindjangid.blogspot.com/

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  25. बहु आयामीय चिठ्ठाकारी का सटीक चित्रण ,व्यंग्य विनोद ,सराहना ,समालोचना .न काऊ से दोस्ती न काहू से बैर ,कबीरा खडा सराय में सबकी चाहे खैर .

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  26. विवादित ब्लॉग शायद छुट गया है . ऐसा-वैसा पोस्ट डालो ज्यादा से ज्यादा कमेन्ट पाओ और सफल ब्लागर बन जाओ.शक्ति-स्वरूपा माँ आपमें स्वयं अवस्थित हों .शुभकामनाएं.

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  27. मैं दो-तीन श्रेणियों में स्वयं को देख रहा हूँ. कृपया मेरा श्रेणी नं. बता दीजिए :))

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  28. आपने तो थीसिस ही लिख डाला ... कमाल का विश्लेषण किया है ... अपना नंबर पता नहीं कहाँ हो ...

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  29. ब्लोगरों पर अच्छा खासा अध्ययन किया हुआ लगता है
    इन्द्रनील जी, बहुत बढ़िया ....

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  30. .


    बहुत मजेदार लगा आपका बर्गीकरण ! लेकिन बहुत दुविधा में हूँ। खुद को सभी श्रेणी में देख पा रही हूँ। कभी लगता है, पोस्ट जल्दी ठेलने वाली, कभी लगा टिप्पणी ज्यादा देने वाली , कभी लगा परित्यक्त उपग्रह की तरह आकाशीय कचरा बढ़ा रही हूँ। कभी लगा अहंकारी , कभी लगा....

    वैसे पारिवारिक ब्लॉगर वाली श्रेणी अपने लिए चुन रही हूँ। मुझसे पहले आये टिप्पणीकारों में मेरे माता, पिता, बहन , भाई, ननद आदि सभी दिखाई दे रहे हैं। सबके साथ मिलकर आज आपके गृह पर भोज करने का मन बन रहा है ।

    किन्तु हे श्रेष्ठ ब्लॉगर इन्द्रनील ! ...एक आपत्ति है मुझे....ऊपर दिए गए चित्रों में किसी स्त्री-कार्टून का चित्र नहीं दिख रहा है। अतः शीघ्र अतिशीघ्र एक सुन्दर बाला का चित्र वहां लगाकर gender discrimination को दूर किया जाए।

    परम प्रिय मित्र एवं भाई इन्द्रनील , इस श्रेष्ट आलेख के लिए आभार आपका। भाभी तृप्ति को नमस्ते और माता -पिता को सादर चरण स्पर्श पहुँचाना। पुत्री चिन्मयी को मेरी तरफ से चोकोलेट देना।

    बहन दिव्या।


    OOPSSSSSSS.....फिर बना लिया रिश्ता मैंने...आपको भी नहीं छोड़ा।

    Smiles....

    .

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  31. मेरे विचार से ब्लॉगर्स के सभी 'प्रकार' को समाहित कर लिया गया है.
    बड़ा ही रोचक शोध आपके अनुभव का निचोड़ है.

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  32. अपरंच एक समीक्षक ब्लॉगर भी है जैसे इस ब्लॉग के मूर्धन्य सुधी ब्लॉगर :)
    बहुत बढ़िया और परिश्रम के साथ किया गया विवेचन -मैं तो समझ रहा था संख्या १०० तक पहुंचेगी -कोई बात नहीं दुबारा लिखेगें तो बाकी आ ही जायेगें .....:)
    मस्त लिखा है सटीक लिखा है !

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  33. सभी सुधीजनो को अनेक अनेक धन्यवाद इस पोस्ट को पसंद करने के लिए ... जिन जिनको इस आईने में अपना अलग अलग अक्स दिख रहा है उनको बधाई ... यह तो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व का परिचय है ...
    @ प्रदीप जी
    "आलसी ब्लॉगर" एक तरह का "भटका राहगीर" ही है :)
    @ सतीश जी,
    मेरे बारे में तो मैं आपके मुंह से कुछ सुनना चाहता हूँ :)
    @ राजेंद्र जी
    आपके पोस्ट हमेशा उम्दा होता है ... और आपका प्रस्तुतीकरण भी ... आपके पोस्ट का इंतज़ार रहेगा
    @ अमृता जी
    जिनको विवाद प्रिय है, या फिर जो विवाद को एक जरिया बनाने में विश्वास रखते हैं, पापुलर बनने के लिए, वो किसी एक वर्ग के नहीं होते हैं .... कोई धर्म को मसला बनाता है तो कोई राजनीति को ... कोई संबंधो को, तो कोई टिप्पणिओं को ... ऐसे ब्लॉगर भी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनि होते हैं (एक तरह से) :)

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  34. @ दिव्या जी
    आप श्रेष्ठतमा ब्लॉगर है ... ब्लोगाकाश में इतनी तेजी से ऊँचाइयों को छूने वाली शायद ही कोई और है ... यह तो अत्यंत स्वाभाविक है कि आप खुद को सभी श्रेणीओं में पा रही हैं ... आपका व्यक्तित्व ही इतना विशाल है ... वो तो आप अत्यंत विनयी है इसलिए अच्छे वर्गों का उल्लेख नहीं की ...
    जहाँ तक चित्र का सवाल है ... मेरा मंशा लिंगभेद का नहीं है ... एक पुरुष होने के नाते किसी महिला का कार्टूनिकरण अच्छा नहीं लगता इसलिए महिलाओं का कार्टून नहीं डाला ... मुझे भी डर है महिलामुक्ति संगठनों से ... कहीं ये न कहे कोई कि "आप महिलाओं को कार्टून समझते हैं ?" ... बड़ी दिक्कत हो जायेगी ...
    भोज पे आने के लिए सभी आमंत्रित हैं ... वैसे भी मोंगोलिया एक अत्यंत सुन्दर देश है ... ज़रा सा ठंडा है बस ...
    वैसे एक लौह-नारी से रिश्ता रखना फायदेमंद ही होगा ... किसकी मजाल होगी जो अब मुझसे पंगा ले ... :) (ये अलग बात है कि मैं कभी किसीसे पंगा नहीं लेता) ...

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  35. @ अरविन्द जी,
    मैंने विश्लेषणात्मक ब्लॉगर लिखा था ... पर शायद "विश्लेषक" या "समीक्षक" ब्लॉगर ज्यादा सही रहेगा ... मैंने उस नाम को "समीक्षक ब्लॉगर" में बदल दिया है ...
    शायद कई और वर्ग हों ... पर मेरी समझ से बाकिओं को इन प्रमुख वर्गों के अंदर ही उप-वर्ग के हिसाब से रखा जा सकता है ...

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  36. आपको एवं आपके परिवार को नवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें !

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  37. सम्पूर्ण लेख और अब तक की सभी टिप्पणियाँ सराहनीय हैं।

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  38. समीक्षा, सूची और वर्गीकरण एक साथ, तथ्‍यात्‍मक लेकिन मजेदार.

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  39. मजेदार...

    पर मुझे समझ नहीं आया कि हम कौन सी किस्म के ब्लोग्गर हैं ....

    एगो केटेगिरी ओर बनाइये : बकबक ब्लोग्गर की... तो हमें उसी में शामिल कर लीजियेगा... वैसे सभी ब्लोगर भाई मात्र बक बक ब्लोग्गर ही है हमारी नज़र में तो ..

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  40. @दीपक जी,
    आपने सही कहा, वैसे तो सभी ब्लॉगर बक बक केटेगिरी में आते हैं :)

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  41. रुचिकर पोस्ट। हम तकनीकी ब्लॉगर में आते हैं और आपके अनुसार हमें कम टिप्पणियाँ मिलती हैं। :-)

    आशीष जी ने बताया कि आप गूगल आइऍमई में पूर्णविराम का जुगाड़ चाहते हैं। मेरे ब्लॉग पर निम्न लेख में इसका तरीका पढ़ें।

    गूगल आइऍमई में पूर्णविराम (तथा अन्य देवनागरी चिह्न) कैसे जोड़ें

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  42. ePandit जी, मेरे ब्लॉग में आपका स्वागत है ... कम टिपण्णी वाली बात से उम्मीद है आपको बूरा नहीं लगा है ... आप खुद ही देख लीजिए ... जहाँ कविता, कहानी इत्यादि लिखने वालों को ३०-४० टिपण्णी मिल जाती है वहीँ आपके तकनिकी ब्लॉग में ७-८ टिपण्णी आती है ... मैं इसे कोई अच्छी बात नहीं मानता हूँ ... पर मेरी बात गलत नहीं है ...
    आपके ब्लॉग में बताये हुए रस्ते पे चलकर भी कोई फायदा नहीं हुआ ... मुझे आजभी पूर्णविराम नहीं मिला है :) ...
    खैर, मदद के लिए शुक्रिया !

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  43. अच्छा वर्गीकरण कर दिया है...अब हम अपने आपको किस वर्ग में रखें...इसी उहापोह में लगे हैं.

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  44. अच्छा और रोचक विश्लेषण। हम किस वर्ग में हैं.?

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  45. बबली जी, विजि कुमार जी, अजय कुमार जी, राहुल सिंह जी, दीपक जी, समीर लाल जी, और सुनील कुमार जी,
    आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद ...
    अपना चेहरा तो सबको खुदको पहचानना है, मैंने तो बस आइना दिखाया है ..:)

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  46. कल 05/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  47. वाह एक से बढ़कर एक किसिम के ब्लॉगर हैं ।

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  48. आया था नयी पुरानी हलचल पर. नजर पड़ी आपके लिक पर. एक साल से ब्लॉग जगत में हुं. सच कहूँ तो ऐसा विस्तृत विश्लेषण करने वाली पोस्ट पहले नहीं देखी. कहना पड़ेगा कि यह छोटा-सा शोध है.शानदार पोस्ट नवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें !

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  49. बहुत ही विस्तार पूर्वक सभी प्रकार के ब्लागरों की समीक्षा की है आपने ...सुन्दर आलेख हेतु आभार...

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  50. अपने की तरह की पोस्ट और विश्लेषण...
    बड़ा रोचक...
    विजया दशमी की हार्दिक बधाईयाँ...

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  51. यह पोस्ट कैसे छूट गया पता नहीं.. आपने तो ब्लॉग जगत की ही समीक्षा कर डाली!
    सही है जनाब.. सही है! :)

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  52. मन की गांठें खुल गई बहुत बहुत धन्यवाद् .

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आपकी टिप्पणियां एवं सुझाव बहुमूल्य हैं ...

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