Indranil Bhattacharjee "सैल"

दुनियादारी से ज्यादा राबता कभी न था !
जज्बात के सहारे ये ज़िन्दगी कर ली तमाम !!

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Oct 16, 2011

बिल्ली मौसी

एक बार ये हाथ में आ जाएँ, फिर तो मज़ा आ जायेगा | क्या ज़बरदस्त भोजन का इंतजाम हो जायेगा |

पर ये हाथ में आयेंगे कैसे, ये तो काफी ऊपर चढ़ बैठे हैं ...


शायद यही सोच रही है बिल्ली मौसी .... ये आज सुबह मेरे घर के बाहर का दृश्य है !


इस  चित्र को देखकर आपके मन में क्या ख्याल आ रहा है ... ज़रूर बताईएगा !

24 comments:

  1. hmmm... billi mousi yahi soch rahi hogi ki yaha se nikla kaise jaye... aur jaldi bhi hai...

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  2. बिल्ली शायद सोच रही कि बिल्ली के भाग से कभी वह शाख टूटेगी जिस पर चिड़ियाँ बैठी हैं

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  3. सब अपने-अपने स्वभाव के अनुसार कर्म करते रहते हैं।
    बिल्ली भी...पंछी भी....!

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  4. हर प्राणी अपने जीवन की रक्षा करना जानता है।

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  5. आज जाने की जिद ना करो, यूँ ही टहनी पर बैठी रहो.

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  6. मीठी-मीठी कल्पना कर रही होगी..

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  7. यही कि अब हमारा रास्ता नहीं काटेगी।

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  8. ye billi bhee bhrastaachaar ki maari hai isiliye tree pe chadh baithee hai....

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  9. मौसी रानी तेरे लिए यह पतली टहनी है और उन चिड़ियों के लिए पतली गली....

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  10. तुम डाल डाल हम पात पात... बिल्ली मौसी कहाँ तक पीछा करोगी? i

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  11. बिल्ली रानी रोज ही इंतजार करती होगी। और चिड़िया रोज ही ऐसे नखरे दिखाती होगी।

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  12. कुछ गलती हो जाय तो मजा आ जाय

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  13. बिल्ली के भाग से छींके तो टूटा करते हैं, पर पेड की डालें शायद पंछियों के साथ हैं!

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  14. बिल्‍ली के भाग से छींका टूटता है कभी कभी ..

    बढिया चित्र !!

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  15. आपको एवं आपके परिवार के सभी सदस्य को दिवाली की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com/
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  16. ख्वाब देखने का अपना मजा है...दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें!

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  17. बिल्ली मौसी गिर न जाएँ ...ध्यान रखियेगा ! !
    दीपावली पर आपको और परिवार को हार्दिक मंगल कामनाएं !
    सादर !

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  18. बहुत अछे एहसासात,विनोदपरक प्रस्तुति
    आपको सपरिवार दीपावली व नववर्ष की शुभकामनाएं !

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  19. sail ji
    main to soch rahi uhn ki ped par shikaar karne ke liye baithi billi mousikahin apna
    hi shikaar na karva baithen----;)
    hasy parak prastuti---
    kabhi -kabhi yah bhi padhna man ko bahut hi achha lagta hai.
    poonam

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  20. लगता है आप बिल्ली की खिल्ली तो नही उडा रहे
    सोच रही है उड़कर सामने वाले मकान के किस फ्लोर
    पर पहुंचूं.

    नववर्ष की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

    मेरे ब्लॉग पर आईयेगा जी.

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